छत्तीसगढ़

सीपत पुलिस ने चोरी का किया खुलासा, मामलें में 2 आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
28 Sept 2025 10:26 PM IST
सीपत पुलिस ने चोरी का किया खुलासा, मामलें में 2 आरोपी गिरफ्तार
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Bilaspur. बिलासपुर। सीपत पुलिस ने ग्राम पंधी लगरा चौक में हुई चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए एक आरोपी और एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का सामान, नगद राशि, मोटरसाइकिल और ताला तोड़ने में प्रयुक्त गैंती जब्त की है। गिरफ्तार आरोपी मोहित उर्फ विकास साहू (23 वर्ष, निवासी कालिका नगर तिफरा) को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, जबकि अपचारी बालक को किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
चोरी की वारदात का विवरण
प्रार्थी विष्णु प्रसाद निषाद ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 सितंबर की रात उनके पान सेंटर और जनरल स्टोर का ताला तोड़कर किराना सामान और ₹5000 नगद चोरी कर लिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीपत पुलिस ने तुरंत टीम गठित कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने संदेही मोहित उर्फ विकास साहू और एक अपचारी बालक को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने चोरी की वारदात स्वीकार की और पुलिस को चोरी किए गए किराना सामान, नगद राशि, मोटरसाइकिल और घटना में प्रयुक्त गैंती सौंप दी।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
सीपत पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। बरामद सामग्री में किराना सामान, नगद ₹5000, मोटरसाइकिल और ताला तोड़ने की गैंती शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी मोहित को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि अपचारी बालक को किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर बाल संप्रेषण गृह में रखा गया है। सीपत थाना प्रभारी ने कहा कि यह गिरफ्तारी सख्त पुलिस कार्रवाई और सतर्कता का नतीजा है। उन्होंने यह भी बताया कि चोरी की घटनाओं पर लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी है।
चोरी के पीछे का उद्देश्य
जांच में पता चला कि यह चोरी आर्थिक लाभ और त्वरित नगदी प्राप्ति के लिए की गई थी। पुलिस ने बताया कि अपचारी बालक के साथ आरोपी मोहित ने योजना बनाकर रात में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने स्थानीय व्यापारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने दुकानों और स्टोरों की सुरक्षा बढ़ाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। इस प्रकार की चोरी की घटनाएं शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों में होती हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पकड़ लोगों में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखती है। किशोर अपराधियों के लिए बाल संप्रेषण गृह में भेजा जाना यह सुनिश्चित करता है कि वह सुधारात्मक प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्वास प्राप्त कर सके। वहीं वयस्क आरोपी के लिए न्यायिक रिमांड कानून के अनुसार आवश्यक है।
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